रमेश चंद्र व राजीव जुनेजा
रमेश सी. जुनेजा (जन्म 28 जुलाई 1955) एक भारतीय अरबपति व्यवसायी और मैनकाइंड फार्मा के अध्यक्ष हैं। फोर्ब्स के अनुसार, वह 100 सबसे धनी भारतीयों में से एक हैं। अंतरराष्ट्रीय कंपनी फॉर्ब्स के अनुसार 2019 में उनकी कुल संपत्ति 2.3 अरब डॉलर होने का अनुमान था।
विज्ञान में स्नातक की डिग्री पूरी करने के बाद, उन्होंने 1974 में कीफार्मा लिमिटेड में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अपना करियर शुरू किया। 1975 में, वे लुपिन लिमिटेड में शामिल हुए और वहां लगभग 8 वर्षों तक काम किया। एक दिन एक डॉक्टर के बाहर देखा कि एक मरीज अपने गहने बेचकर दवाएं खरीद रहा है तो उनका दिल पसीज गया। उसी दिन ठान लिया कि वे सस्ती दवाएं बनाएंगे और लोगों की मदद करेंगे।

1983 में, उन्होंने ल्यूपिन से इस्तीफा दे दिया और साझेदारी में अपनी कंपनी बेस्टोकेम शुरू की। 1994 में बेस्टोकेम फ्लॉप हो गई तो 1995 में अपने छोटे भाई राजीव जुनेजा के साथ ₹ 50 लाख के निवेश और 25 मेडिकल प्रतिनिधियों की प्रारंभिक टीम के साथ मैनकाइंड फार्मा की स्थापना की।
आज यह कंपनी विश्व भर के दो दर्जन से अधिक बाजारों में एंटीबायोटिक्स और हृदय रोगों के उपचार सहित जेनेरिक दवाएं बेचती है जो अपने 100 करोड़ डॉलर के राजस्व का अधिकांश हिस्सा भारत से अर्जित करती है।
। यह कंपनी कंडोम और गर्भावस्था परीक्षण किट के लोकप्रिय ब्रांड भी बनाती है। मई 2023 में कंपनी सार्वजनिक कंपनी बनी और 4330 करोड़ रुपए जुटाए। अमिताभ बच्चन कंपनी के एंबेसडर हैं।
वर्तमान में उनके पुत्र अर्जुन कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी हैं जिन्होंने अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मैनकाइंड के प्रवेश का नेतृत्व किया।

जुनेजा भारत के विभिन्न दवा निकायों में विशिष्ट पदों पर आसीन हैं। वे फेडरेशन ऑफ फार्मा एंटरप्रेन्योर्स (एफओपीई) के अध्यक्ष होने के साथ-साथ आईडीएमए (इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन) के लिए हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड स्टेट बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।

उन्हें वर्ष 2011 में नेटवर्क 18 द्वारा बिजनेस आइकन फार्मा अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वह 5वें वार्षिक फार्मास्युटिकल लीडरशिप समिट और एशिया बिजनेस लीडरशिप अवार्ड, 2012 में ‘बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर अवार्ड’ के लिए नामांकित चार बिजनेस दिग्गजों में से एक थे।


राजीव जुनेजा मैनकाइंड फार्मास्यूटिकल

अपने बड़े भाई रमेश जुनेजा के साथ मैनकाइंड फार्मास्यूटिकल की स्थापना करने वाले राजीव जुनेजा एक बेहद महत्वाकांक्षी व्यवसायी हैं। कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देने वाले श्री जुनेजा को मैनकाइंड की स्थापना से पहले फार्मास्युटिकल उद्योग में 10 वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में मैनकाइंड फार्मास्यूटिकल सीईओ हैं।
वे संगठन की उपलब्धियों के पीछे प्रेरक शक्ति हैं। मार्केटिंग के हर पहलू की उनकी गहरी समझ मैनकाइंड को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करती है। उनका लक्ष्य मैनकाइंड को ओटीसी और एफएमसी सेगमेंट में मजबूत बाजार उपस्थिति वाली शीर्ष तीन कंपनियों में शामिल करना है। वे टीम भावना को प्रोत्साहित करते हैं और संगठन के मानव संसाधनों का पोषण करते हैं।
मैनकाइंड की सफलता के रहस्य पर श्री राजीव जुनेजा कहते हैं, “हमारे लोग हमेशा से हमारी मुख्य ताकत रहे हैं। वे कंपनी के लिए अपना दिल और जान लगा देते हैं। उनके प्रयासों ने मैनकाइंड को 20 वर्षों में भारत की सबसे तेजी से बढ़ती फार्मा कंपनी बना दिया है।
इकोनामिक टाइम्स की ओर से वे 2023 में अपने बड़े भाई रमेश जुनेजा के साथ “एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर” पुरस्कार से संयुक्त रूप से सम्मानित हुए। वे हेल्थकेयर में सर्वश्रेष्ठ डिजाइन का पुरस्कार पा चुके हैं। उनके नेतृत्व में मैनकाइंड ने “बेस्ट फार्मा ओटीसी कंपनी ऑफ द ईयर, 2018” का पुरस्कार जीता।
राजीव के बेटे चाणक्य मैनकाइंड में प्रौद्योगिकी निदेशक हैं।