सुप्रभात प्रिय मित्रों,
14 अगस्त विभाजन विभीषिका दिवस पर हम उन सभी बुजुर्गों और परिवारों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं, जिन्होंने विभाजन की भयंकर त्रासदी में अपने प्राण गंवाए, अपना घर-बार और संपत्ति छोड़कर नए सिरे से जीवन शुरू किया और कठिन संघर्षों के बावजूद देश के निर्माण एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
हम उनके त्याग, साहस और योगदान के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेंगे।
आज बदलते सामाजिक परिवेश, एकल परिवारों और बच्चों के रोजगार एवं करियर के लिए दूर चले जाने के कारण अनेक वरिष्ठ नागरिक अकेलेपन और दैनिक जीवन की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
इसलिए आवश्यकता है कि विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों के छोटे-छोटे समूह बनाए जाएं जहां वे नियमित रूप से मिलें, सामाजिक एवं मनोरंजक गतिविधियों में भाग लें, एक-दूसरे का सहयोग करें और आवश्यकता के समय सहायता प्रदान करें।
इन समूहों में युवाओं को भी जोड़ा जाए, ताकि बुजुर्गों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा मिलकर समाज को मजबूत बनाएं।
हमारी वेबसाइट
www.globalpunjabisocietyindia.org
इस पहल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
“सेवा और सम्मान”
आइए, अपने बुजुर्गों को सम्मान, साहचर्य, सहयोग और गरिमापूर्ण जीवन देने के लिए मिलकर प्रयास करें।
आपके बहुमूल्य सुझावों का स्वागत है।
धन्यवाद।
डी. आर. नरूला
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