प्रिय मित्रों,

सरकार कुरुक्षेत्र, हरियाणा में सिख इतिहास का एक संग्रहालय बना रही है। हमारे सभी पंजाबी भाइयों और बहनों को इसके लिए हार्दिक बधाई देता हूँ और हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी का भी आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने हमारे समुदाय की इस लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने के लिए सही कदम उठाया।

हमारे 20 लाख से अधिक स्वजनों को, जिन्हें 1947 में देश के विभाजन के दौरान वैश्विक इतिहास के सबसे बड़े नरसंहार में अत्यंत निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया गया था, उनकी स्मृति में यद्यपि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ घोषित किया है लेकिन हम प्रधानमंत्री जी से यह भी मांग करते हैं कि हमारे उक्त पूर्वजों ने अपने धर्म की रक्षा हेतु जो अप्रतिम बलिदान दिए, उसे स्मरण करने व उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारक एवं संग्रहालय अमृतसर, कुरुक्षेत्र एवं दिल्ली में स्थापित किये जावें जिससे हमारे आने वाली पीढ़ियां भी उसे इतिहास से अवगत हो सकें और सबक सीख सकें।

बांहि जिन्हां दी पकड़िये, सिर दीजिये बांहि न छोड़िये।
गुरु तेग बहादुर बोलया, धरती पै धर्म न छोड़िये।

डी.आर. नरूला

अध्यक्ष