समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होती दिखाई दे रही है। इतिहास की विभाजन विभीषिका की स्मृतियों को संजोने एवं आने वाली युवा पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से “विभाजन विभीषिका स्मृति न्यास” का गठन किया गया है। इस दिशा में हाल ही में गुरुग्राम में पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें देश के अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी एवं प्रबुद्धजन शामिल हुए।
समाज लंबे समय से इस विषय पर एक स्मारक एवं संग्रहालय की मांग करता रहा है, ताकि इतिहास की पीड़ा और उससे जुड़े अनुभवों को सुरक्षित रखा जा सके। अब हरिद्वार या ऋषिकेश में एक विशाल एवं दिव्य स्मारक तथा संग्रहालय बनाने का संकल्प लिया गया है, जिससे समाज की इस पुरानी मांग को नई दिशा मिली है।




