बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के पूर्व निदेशक एडवोकेट रमन कुमार सूद द्वारा लिखित पुस्तक “राष्ट्रपथ का अडिग योद्धा” का विमोचन सोमवार को पंजाब के महामहिम राज्यपाल श्रीमान गुलाबचंद जी कटारिया द्वारा किया गया।

प्रसिद्ध शिक्षाविद तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए प्रतिकूल समय के दौरान बने संघ के निष्ठावान एवं कर्मठ स्वयंसेवक उदयपुर के मूल निवासी स्व. प्रोफेसर देवेंद्र सिंह चौहान उपाख्य श्री देवी सिंह जी के जीवन पर लिखित पुस्तक के विमोचन समारोह में विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जोधपुर के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रीमान नंदलाल जी और भारतीय किसान संघ के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री और वर्तमान में नाथ संप्रदाय में दीक्षित पूज्य संत निरंजन नाथ जी की गरिमामय उपस्थिति रही।

आदरणीय गुलाबचंद कटारिया ने स्व. देवी सिंह जी के बारे में बताया कि अति सामान्य परिवार में जन्म लेने वाले श्री देवी सिंह जी बहुत प्रतिभावान विद्यार्थी थे। अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर उन्हें शिक्षा जगत में बहुत सम्मान प्राप्त हुआ। उनके मधुर व्यवहार के कारण वे समकालीन स्वयंसेवकों में अत्यंत लोकप्रिय थे।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नाथ संप्रदाय में दीक्षित संत बाबा श्री निरंजन नाथ जी ने श्री देवी सिंह जी के साथ संघ कार्य करते हुए अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे दिखने में साधारण थे परन्तु उनका व्यक्तित्व असाधारण था। वे कठोर अनुशासन के लिए और सभी के प्रति स्वाभाविक स्नेह रखने वाले स्वयंसेवक के रूप में जाने जाते थे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्रीमान नंद लाल जी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि उन्होंने कई वर्षों तक श्री देवेंद्र सिंह जी, जिनको उदयपुर में देवी सिंह जी के नाम से जाना जाता है, के साथ काम किया। जोधपुर विश्वविद्यालय में भूगर्भ विज्ञान का विभाग उनके कार्यकाल के दौरान ही स्थापित हुआ। भूगर्भ विज्ञान के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान को चिरस्मरणीय बनाने के लिए विश्वविद्यालय में स्थापित भूगर्भ संग्रहालय का नाम
प्रोफेसर देवी सिंह चौहान संग्रहालय किया गया। उनका शरीर तो दुबला पतला ही था परन्तु बौद्धिक स्तर और आत्मविश्वास बहुत सुदृढ था। उन्होंने अनेक श्रेष्ठ स्वयंसेवकों का निर्माण किया।

“राष्ट्रपथ के अडिग योद्धा” पुस्तक के लेखक एडवोकेट रमन कुमार सूद ने कहा कि स्वर्गीय प्रोफेसर श्री देवेंद्र सिंह जी के जीवन पर पुस्तक लिखने का संकल्प उनके भतीजे श्री रमेश सिंह ने किया और मुझसे प्रोफेसर देवेंद्र सिंह जी की जीवनी लिखने का आग्रह किया। श्री देवेंद्र सिंह जी से मिलना तो दूर मैंने उनको कभी देखा तक नहीं था। श्री देवेंद्र सिंह जी के संपर्क में रहे अनेकों महानुभावों से जानकारी और अनुभव साझा करने का सहयोग प्राप्त हुआ और यह पुस्तक लिखने का कार्य पूरा हुआ। श्री देवी सिंह जी बाल्यकाल में ही संघ के स्वयंसेवक बन गए थे। अति सामान्य परिवार में जन्म हुआ, विपरीत और कठिन परिस्थितियों में बड़े हुए और अपने अनुशासित जीवन और कठोर परिश्रम के आधार पर शिक्षा जगत में यशस्वी हुए। उन्होंने सरस्वती नदी के विस्तार एवं प्रवाह मार्ग पर अपने शोध के आधार पर एक पुस्तक भी लिखी थी।

स्व. श्री देवेंद्र सिंह जी के ज्येष्ठ पुत्र श्री नरेंद्र सिंह जी ने तथा देवेंद्र सिंह जी के साथ संघ कार्य करने वाले श्री भंवर लाल जी सेठ ने भी विचार व्यक्त किये।

इस कार्यक्रम में प्रोफेसर देवेंद्र सिंह के दोनों पुत्र, पुत्री तथा भतीजी एवं अन्य परिवारजन उपस्थित थे जिनका सम्मान पंजाब के महामहिम राज्यपाल श्रीमान गुलाबचंद जी कटारिया द्वारा किया गया।

श्री देवेंद्र सिंह जी के भतीजे श्री रमेश सिंह ने इस पुस्तक के प्रकाशन के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोग देने वाले महानुभावों का आभार व्यक्त किया।

रमेश सिंह चौहान
रमन कुमार सूद
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