ओबेरॉय होटल्स एंड रिसॉर्ट्स का इतिहास भारतीय आतिथ्य सत्कार क्षेत्र में शून्य से शिखर तक पहुँचने की एक अद्भुत और प्रेरणादायक कहानी है। इसकी शुरुआत मात्र ₹25 से हुई और आज यह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित लग्जरी होटल ब्रांड्स में से एक है।
ओबेरॉय ग्रुप के संस्थापक राय बहादुर मोहन सिंह ओबेरॉय ने 1922 में शिमला के ‘द सिसिल होटल’ में ₹50 प्रति माह पर एक मामूली क्लर्क के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। अपनी कड़ी मेहनत और सूझबूझ से उन्होंने बिजनेस की बारीकियों को सीखा। साल 1934 में, उन्होंने अपनी पत्नी के गहने और संपत्ति गिरवी रखकर शिमला में अपना पहला होटल, ‘क्लार्क्स होटल’ खरीदा। यही वर्ष ओबेरॉय ग्रुप की आधिकारिक स्थापना माना जाता है।
1938 में कलकत्ता का प्रसिद्ध ‘ग्रैंड होटल’ हैजा महामारी के कारण बंद होने की कगार पर था। एम.एस. ओबेरॉय ने इसे लीज पर लिया और अपनी बेजोड़ कार्यकुशलता से इसे एक बेहद मुनाफे वाले बिजनेस में बदल दिया। 1943 में उन्होंने देश की सबसे बड़ी होटल चेन ‘एसोसिएटेड होटल्स ऑफ इंडिया’ (AHI) में हिस्सेदारी खरीदी, जिससे वह देश की सबसे बड़ी होटल श्रृंखला का मालिकाना हक पाने वाले पहले भारतीय बने।
नई दिल्ली में 1965 में भारत का पहला आधुनिक लग्जरी होटल ‘द ओबेरॉय इंटरकॉन्टिनेंटल’ खुला। यह विदेशी श्रृंखला के साथ साझेदारी में बना भारत का पहला आधुनिक 5-स्टार होटल था, जिसने देश में लग्जरी की परिभाषा बदल दी।
1966 में गुणवत्तापूर्ण ट्रेनिंग के लिए उन्होंने ‘ओबेरॉय स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट’ शुरू किया, जिसे आज ओबेरॉय सेंटर ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट (OCLD) के नाम से जाना जाता है। साल 1978 में इंडोनेशिया में ‘द ओबेरॉय, बाली’ के खुलने के साथ ग्रुप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा।
एम.एस. ओबेरॉय के बेटे पी.आर.एस. ओबेरॉय ने ब्रांड को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी। उन्होंने 1997 में जयपुर में ‘द ओबेरॉय राजविलास’ खोलकर विलासिता और पारंपरिक भारतीय संस्कृति का एक अनोखा संगम पेश किया। ओबेरॉय ग्रुप के कई होटल्स जैसे ओबेरॉय उदयविलास (उदयपुर) और ओबेरॉय अमरविलास (आगरा) को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ होटलों की सूची में शीर्ष स्थान मिलता रहा है।
प्रीमियम और पांच-सितारा सेगमेंट के यात्रियों के लिए ग्रुप ने ‘ट्राइडेंट होटल्स’ ब्रांड की शुरुआत की। वर्तमान में यह ग्रुप भारत सहित कई देशों (जैसे मिस्र, इंडोनेशिया, मॉरीशस, सऊदी अरब आदि) में 30 से अधिक लग्जरी होटलों और क्रूज जहाजों का संचालन कर रहा है।
भारत में संगठित (Chain-affiliated) होटल कमरों की कुल संख्या 2,00,000 से अधिक है. इसके मुकाबले ओबेरॉय ग्रुप भारत और विदेशों को मिलाकर 30 से अधिक होटलों में लगभग 4,200 से 4,500 कमरों का संचालन करता है. ओबेरॉय ग्रुप (EIH लिमिटेड) भारतीय होटल उद्योग के प्रीमियम और अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट में अग्रणी स्थान रखता है। हालांकि कुल रूम इन्वेंट्री के मामले में इसका मार्केट शेयर भारतीय होटल उद्योग में लगभग 3% से 5% के बीच है, लेकिन लक्जरी रेवेन्यू और ब्रांड वैल्यू के मामले में इसका हिस्सा काफी बड़ा है।
रूम काउंट के मामले में यह टाटा ग्रुप की इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL/Taj) और मैरियट इंटरनेशनल जैसे बड़े ब्रांड्स से पीछे है, क्योंकि वे मिड-स्केल और बजट सेगमेंट में भी बड़े पैमाने पर काम करते हैं.
प्रमुख सूचीबद्ध इकाई EIH लिमिटेड के माध्यम से ओबेरॉय ग्रुप का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹20,000 करोड़ से ₹21,000 करोड़ के बीच है। यह इसे भारत की शीर्ष मूल्यवान होटल कंपनियों की सूची में शामिल करता है।
ओबेरॉय समूह की आय का मुख्य हिस्सा उनके ऊंचे रूम रेट्स से आता है। ओबेरॉय उदयविलास और अमरविलास जैसी संपत्तियों का प्रति रात का औसत किराया उद्योग के सामान्य औसत से कहीं अधिक होता है, जिससे कम कमरों के बावजूद इनका राजस्व मजबूत रहता है।
समूह भारतीय बाजार में मुख्य रूप से तीन ब्रांड्स के जरिए अपनी हिस्सेदारी संभालता है। ओबेरॉय होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (The Oberoi), यह अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बाजार पर कब्जा रखता है। ट्राइडेंट होटल्स, यह 5-स्टार बिजनेस और लेजर (Leisure) ट्रैवल सेगमेंट में एक मजबूत हिस्सेदारी रखता है। मेडन्स होटल, हेरिटेज (धरोहर) होटल चाहने वाले यात्रियों के वर्ग को आकर्षित करता है। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट लाउंज और फ्लाइट कैटरिंग सर्विस के क्षेत्र में भी ओबेरॉय ग्रुप की भारतीय आतिथ्य बाजार में एक बड़ी हिस्सेदारी है।
वर्तमान में, ओबेरॉय परिवार होल्डिंग कंपनियों (ईआईएच लिमिटेड) के माध्यम से प्रमोटर और बहुलांश शेयरधारक बना हुआ है, जिसका नेतृत्व अर्जुन सिंह ओबेरॉय (कार्यकारी अध्यक्ष) और विक्रम ओबेरॉय (प्रबंध निदेशक और सीईओ) कर रहे हैं। ओबेरॉय ग्रुप भारत की दूसरी सबसे बड़ी होटल कंपनी है, जिसका संचालन और स्वामित्व अर्जुन सिंह ओबेरॉय और विक्रम ओबेरॉय की देखरेख में होता है। ओबेरॉय परिवार (प्रमोटर) के अलावा, आईटीसी लिमिटेड और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी भारतीय कंपनियां भी ओबेरॉय ग्रुप (EIH लिमिटेड) में प्रमुख शेयरधारक हैं।
