डॉ. नरेश त्रेहन भारत के एक विश्व प्रसिद्ध कार्डियोवैस्कुलर और कार्डियोथोरेसिक सर्जन (हृदय रोग विशेषज्ञ) हैं और वे भारत के सबसे बड़े मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों में से एक, मेदांता – द मेडिसिटी के संस्थापक, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। उन्हें भारत में आधुनिक चिकित्सा और ओपन हार्ट सर्जरी के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए जाना जाता है।

उनका जन्म 12 अगस्त 1945 को बटाला, पंजाब में हुआ था।. त्रेहन के माता-पिता भी डॉक्टर थे। भारत के विभाजन के समय उनका परिवार पाकिस्तान से दिल्ली आया था। उनके पिता ईएनटी विशेषज्ञ और मां स्त्री रोग विशेषज्ञ थीं।

उन्होंने लखनऊ के प्रसिद्ध किंंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से अपनी MBBS की डिग्री पूरी कर 1971 से 1988 तक अमेरिका के न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त किया और वहाँ सफलतापूर्वक अभ्यास भी किया। डॉ. त्रेहन ने अपने करियर में 48,000 से अधिक सफल ओपन हार्ट सर्जरी की हैं।

भारत लौटने के बाद उन्होंने प्रसिद्ध एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट (EHIRC) की स्थापना की और बाद में गुरुग्राम में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए मेदांता अस्पताल की शुरुआत की।

वे 1991 से भारत के राष्ट्रपति के व्यक्तिगत सर्जन के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।

चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री फिर पद्म भूषण नमस्कार से सम्मानित किया। इनके अतिरिक्त उन्हें लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय पुरस्कार और डॉ. बी. सी. रॉय पुरस्कार (चिकित्सा क्षेत्र का सर्वोच्च भारतीय पुरस्कार) भी मिला है।

डॉ. त्रेहन का विवाह 1969 में इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन की बहन मधु से हुआ। वे ‘इंडिया टुडे’ की सह-संस्थापक और पहली संपादक रही हैं। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल न्यूज़ पोर्टल ‘न्यूज़लॉन्ड्री’ की भी सह-स्थापना की है।
डॉ. त्रेहन और मधु की दो बेटियां हैं, जिनके नाम शायल और शोनन हैं। शायल त्रेहन एक वकील हैं जिनका विवाह पंकज साहनी से हुआ है जो वर्तमान में मेदांता अस्पताल के सीईओ हैं।शोनन त्रेहन एक प्रसिद्ध आर्किटेक्ट और इंटीरियर डिजाइनर हैं। वे मुंबई और दिल्ली में अपनी खुद की आर्किटेक्चर फर्म ‘Language.Architecture.Body’ (LAB) चलाती हैं।