शिखर मल्होत्रा का जन्म और पालन-पोषण कुवैत के एक प्रतिष्ठित और उद्यमी (बिजनेस) परिवार में हुआ। उन्होंने अमेरिका के मैसाचुसेट्स में स्थित प्रतिष्ठित बैबसन कॉलेज से साल 2004 में स्नातक की डिग्री पूरी की। उन्होंने यहाँ एंटरप्रेन्योरशिप विषय में विशेषज्ञता हासिल की। वह बैबसन कॉलेज के ग्लोबल एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं।
शिखर मल्होत्रा भारत के एक प्रमुख व्यवसायी, शिक्षाविद और परोपकारी व्यक्ति हैं, जिनका विवाह शिव नादर की बेटी रोशनी नादर से हुआ है जो एचसीएल टेक्नोलॉजीज की अध्यक्ष हैं और भारत की सबसे अमीर महिलाओं में से एक हैं।
वह एचसीएल कॉर्पोरेशन के बोर्ड सदस्य और निदेशक हैं।
वह $13.3 बिलियन से अधिक मूल्य की वैश्विक आईटी कंपनी एचसीएलटेक के निदेशक मंडल में भी शामिल हैं।
शिखर एचसीएल हेल्थकेयर के वाइस चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। यह कंपनी भारत के अग्रणी कॉर्पोरेट स्वास्थ्य सेवा समाधान प्रदाताओं में से एक है, जो देश भर में हजारों परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती है।
वह उत्तर प्रदेश स्थित प्रतिष्ठित शिव नादर इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के कुलाधिपति हैं। वह दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई में संचालित होने वाले प्रतिष्ठित शिव नादर स्कूलों के चेयरमैन के रूप में शिक्षा व्यवस्था की कमान संभालते हैं। शिव नादर फाउंडेशन के ट्रस्टी के तौर पर वह देश के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के कार्यों को दि
शा देते हैं।
शिखर मल्होत्रा पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने साल 2018 में अपनी पत्नी रोशनी नादर के साथ मिलकर ‘द हैबिटैट्स ट्रस्ट’ की सह-स्थापना की, जो भारत के प्राकृतिक आवासों और स्वदेशी प्रजातियों के संरक्षण के लिए काम करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं की मदद करता है।
