मदनलाल खुराना (15 अक्टूबर 1936 – 27 अक्टूबर 2018) भारतीय जनता पार्टी के एक दिग्गज राजनेता और दिल्ली के तीसरे मुख्यमंत्री थे। दिल्ली की राजनीति और पार्टी संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ के कारण समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच वे ‘दिल्ली के शेर’ के नाम से बेहद लोकप्रिय थे।

मदनलाल खुराना का जन्म 15 अक्टूबर 1936 को लायलपुर (वर्तमान फैसलाबाद, पाकिस्तान) में हुआ था। उनके पिता का नाम एस.डी. खुराना और माता का नाम लक्ष्मी देवी था।

सन् 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय महज 12 वर्ष की आयु में उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा। उनका परिवार दिल्ली आ गया और कीर्ति नगर के शरणार्थी शिविर में रहा।

उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ी मल कॉलेज से स्नातक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर और बी.एड. की डिग्री हासिल की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए और इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के महामंत्री चुने गए। वर्ष 1960 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय सचिव/महामंत्री बने। सक्रिय राजनीति में कदम रखने से पहले उन्होंने दिल्ली के पीजीडीएवी कॉलेज में प्राध्यापक के रूप में कार्य किया।

खुराना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से थे। उन्होंने प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा, केदारनाथ साहनी और कंवर लाल गुप्ता जैसे नेताओं के साथ मिलकर दिल्ली में ‘भारतीय जनसंघ’ की नींव रखी। वे 1965 से 1967 तक दिल्ली जनसंघ के महासचिव रहे। वर्ष 1967 में उन्होंने पहाड़गंज वार्ड से पार्षद का चुनाव जीतकर पहली बार मुख्यधारा की चुनावी राजनीति में कदम रखा। वे 1966 से 1989 तक दिल्ली महानगर परिषद के सदस्य रहे। इस दौरान 1977-80 तक उन्होंने कार्यकारी सभापति के रूप में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

वर्ष 1993 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला। इसके बाद 2 दिसंबर 1993 को मदनलाल खुराना दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। उनके कार्यकाल के दौरान ही दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआती रूपरेखा तैयार की गई थी। वर्ष 1996 में जैन हवाला कांड में नाम आने के बाद , जिसमें बाद में वे बरी हो गए, उन्होंने शुचिता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

खुराना 9वीं, 10वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा के लिए दिल्ली से 4 बार सांसद चुने गए। वर्ष 1998-1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वे केंद्रीय संसदीय कार्य और पर्यटन मंत्री रहे। जनवरी से नवंबर 2004 में उन्होंने राजस्थान के राज्यपाल का संवैधानिक पद भी संभाला।

उनका विवाह राज खुराना से हुआ था। उनके परिवार में दो बेटे हरीश खुराना और विमल खुराना तथा एक बेटी पूनम हैं। उनके बेटे हरीश खुराना भी भाजपा के सक्रिय नेता हैं।
जीवन के अंतिम वर्षों में वे लंबे समय तक बीमार रहे। वर्ष 2013 में उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था जिसके बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा था। 27 अक्टूबर 2018 को 82 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में उनका निधन हो गया।

दिल्ली के विकास और विशेष रूप से विभाजन के बाद आए शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है।