हीरो समूह                                              हीरो समूह भारत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में से एक है जिसकी शुरुआत 1956 में एक साइकिल निर्माता कंपनी के रूप में मुंजाल परिवार के चार भाइयों—दयानंद मुंजाल, सत्यानंद मुंजाल, बृज मोहन लाल मुंजाल और ओम प्रकाश मुंजाल द्वारा की गई थी। कंपनी का नेतृत्व वर्तमान में बृजमोहन लाल मुंजाल के बेटे पवन मुंजाल द्वारा किया जा रहा है।यह समूह मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल (दोपहिया वाहन), फाइनेंस, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है ।हीरो ग्रुप से जुड़ी प्रमुख कंपनियाँ हीरो मोटोकॉर्प, हीरो साइकिल, हीरो फिनकॉर्प, हीरो फ्यूचर एनर्जीज़, हीरो इलेक्ट्रॉनिक्स, बीएमएल मुंजाल विश्वविद्यालय हैं। समूह की फ्लैगशिप कंपनी हीरो मोटो कॉर्प का बाजार पूंजीकरण लगभग एक लाख करोड़ का है। समूह की मूल कंपनी हीरो साइकिल है। यह और हीरो मोटोकार्प दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल व मोटर साइकिल निर्माताओं में से एक है।2010 में परिवार के सदस्यों के बीच विवादों और जटिलताओं से बचने के लिए, मुंजाल परिवार ने अपनी होल्डिंग्स और 20 से अधिक कंपनियों को आपसी सहमति से विभाजित कर लिया था। इस बंटवारे के तहत प्रत्येक पारिवारिक गुट को अपने-अपने व्यावसायिक कार्यक्षेत्रों का स्वतंत्र स्वामित्व और प्रबंधन मिल गया। बृजमोहन लाल मुंजाल हीरो समूह के मुख्य वास्तुकार थे। 2015 में अपने निधन तक वे समूह के चेयरमैन रहे। उनके नेतृत्व में कंपनी ने ‘हीरो होंडा’ के साथ ऐतिहासिक सफलता हासिल की।बृजमोहन लाल के पुत्र पवन मुंजाल वर्तमान में हीरो मोटोकॉर्प के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। वे समूह के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं।पवन मुंजाल के भाई सुनील कान्त मुंजाल ‘हीरो एंटरप्राइज’ के चेयरमैन हैं।बृजमोहन लाल के सबसे छोटे भाई ओम प्रकाश (ओ.पी.) मुंजाल  ने ‘हीरो साइकिल्स’ की स्थापना में अहम भूमिका निभाई और इसे दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल निर्माता कंपनी बनाया।ओ.पी. मुंजाल के पुत्र पंकज मुंजाल वर्तमान में हीरो साइकिल्स के प्रमुख और चेयरमैन हैं।बृजमोहन लाल के छोटे भाई दयानंद लाल मुंजाल के पुत्र विजय मुंजाल हीरो इलेक्ट्रिक के चेयरमैन हैं। वर्तमान में हीरो इलेक्ट्रिक और हीरो एक्सपोर्ट्स को मिलाकर नई कंपनी हीरो इको का गठन किया है।बृजमोहन लाल मुंजाल के भाई सत्यानंद गुंजल के सुपुत्र पंकज मुंजाल वर्तमान में हीरो साइकिल्स एवं हीरो मोटर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष हैं और मुंजाल शोवा लिमिटेड, मुंजाल किरियू इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, जेडएफ हीरो चेसिस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, हॉक साइकिल्स प्राइवेट लिमिटेड, यूटी बाइक्स लिमिटेड, फायरफॉक्स बाइक्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंजाल हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, भाग्यडे इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, ओपीएम ग्लोबल बीवी और एवोसेट स्पोर्ट्स (यूके) के बोर्ड में निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।

हीरो समूह
                                              हीरो समूह भारत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में से एक है जिसकी शुरुआत 1956 में एक साइकिल निर्माता कंपनी के रूप में मुंजाल परिवार के चार भाइयों—दयानंद मुंजाल, सत्यानंद मुंजाल, बृज मोहन लाल मुंजाल और ओम प्रकाश मुंजाल द्वारा की गई थी। कंपनी का नेतृत्व वर्तमान में बृजमोहन लाल मुंजाल के बेटे पवन मुंजाल द्वारा किया जा रहा है।

यह समूह मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल (दोपहिया वाहन), फाइनेंस, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है ।

हीरो ग्रुप से जुड़ी प्रमुख कंपनियाँ हीरो मोटोकॉर्प, हीरो साइकिल, हीरो फिनकॉर्प, हीरो फ्यूचर एनर्जीज़, हीरो इलेक्ट्रॉनिक्स, बीएमएल मुंजाल विश्वविद्यालय हैं। समूह की फ्लैगशिप कंपनी हीरो मोटो कॉर्प का बाजार पूंजीकरण लगभग एक लाख करोड़ का है। समूह की मूल कंपनी हीरो साइकिल है। यह और हीरो मोटोकार्प दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल व मोटर साइकिल निर्माताओं में से एक है।

2010 में परिवार के सदस्यों के बीच विवादों और जटिलताओं से बचने के लिए, मुंजाल परिवार ने अपनी होल्डिंग्स और 20 से अधिक कंपनियों को आपसी सहमति से विभाजित कर लिया था। इस बंटवारे के तहत प्रत्येक पारिवारिक गुट को अपने-अपने व्यावसायिक कार्यक्षेत्रों का स्वतंत्र स्वामित्व और प्रबंधन मिल गया।

बृजमोहन लाल मुंजाल हीरो समूह के मुख्य वास्तुकार थे। 2015 में अपने निधन तक वे समूह के चेयरमैन रहे। उनके नेतृत्व में कंपनी ने ‘हीरो होंडा’ के साथ ऐतिहासिक सफलता हासिल की।

बृजमोहन लाल के पुत्र पवन मुंजाल वर्तमान में हीरो मोटोकॉर्प के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। वे समूह के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

पवन मुंजाल के भाई सुनील कान्त मुंजाल ‘हीरो एंटरप्राइज’ के चेयरमैन हैं।

बृजमोहन लाल के सबसे छोटे भाई ओम प्रकाश (ओ.पी.) मुंजाल  ने ‘हीरो साइकिल्स’ की स्थापना में अहम भूमिका निभाई और इसे दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल निर्माता कंपनी बनाया।

ओ.पी. मुंजाल के पुत्र पंकज मुंजाल वर्तमान में हीरो साइकिल्स के प्रमुख और चेयरमैन हैं।

बृजमोहन लाल के छोटे भाई दयानंद लाल मुंजाल के पुत्र विजय मुंजाल हीरो इलेक्ट्रिक के चेयरमैन हैं। वर्तमान में हीरो इलेक्ट्रिक और हीरो एक्सपोर्ट्स को मिलाकर नई कंपनी हीरो इको का गठन किया है।

बृजमोहन लाल मुंजाल के भाई सत्यानंद गुंजल के सुपुत्र पंकज मुंजाल वर्तमान में हीरो साइकिल्स एवं हीरो मोटर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष हैं और मुंजाल शोवा लिमिटेड, मुंजाल किरियू इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, जेडएफ हीरो चेसिस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, हॉक साइकिल्स प्राइवेट लिमिटेड, यूटी बाइक्स लिमिटेड, फायरफॉक्स बाइक्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंजाल हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, भाग्यडे इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, ओपीएम ग्लोबल बीवी और एवोसेट स्पोर्ट्स (यूके) के बोर्ड में निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।

महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M)                                                    वर्तमान महिंद्रा ऐंड महिंद्रा समूह की स्थापना पहले ‘महिंद्रा एंड मोहम्मद’ के रूप में 1945 में लुधियाना में हुई थी जिसके संस्थापक सदस्य जे.सी. महिंद्रा, के.सी. महिंद्रा और मलिक गुलाम मोहम्मद थे। विभाजन के बाद मलिक गुलाम मोहम्मद के पाकिस्तान चले जाने के कारण शेष बचे दो साझेदारों के नाम पर कंपनी का नाम ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’ रखा गया। शुरुआत में कंपनी इंग्लैंड की विली जीप के पुर्जों का आयात और फिर जोड़ कर बेचने का काम करती थीमहिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के वर्तमान चेयरमैन आनंद महिंद्रा हैं और यह भारत के सबसे बड़े और प्रमुख बहुराष्ट्रीय व्यावसायिक घरानों में से एक है। इसका मुख्यालय मुंबई में है और यह दुनिया के 100 से अधिक देशों में काम करता है। इसकी प्रमुख कंपनी ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड’ का कुल बाज़ार पूंजीकरण लगभग ₹3.86 लाख करोड़ है। कंपनी का चौपहिया वाहनों (पैसेंजर व्हीकल/एसयूवी) की बिक्री के मामले में देश में मारुति के बाद दूसरे स्थान पर है। वॉल्यूम के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी है।इसके अतिरिक्त टेक महिंद्रा, महिंद्रा फाइनेंस, महिंद्रा हॉलिडेज़ हॉस्पिटैलिटी और रिसॉर्ट्स, महिंद्रा लॉजिस्टिक्स, महिंद्रा लाइफस्पेस समूह की प्रमुख कंपनियां हैं।

महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M)
                                                   वर्तमान महिंद्रा ऐंड महिंद्रा समूह की स्थापना पहले ‘महिंद्रा एंड मोहम्मद’ के रूप में 1945 में लुधियाना में हुई थी जिसके संस्थापक सदस्य जे.सी. महिंद्रा, के.सी. महिंद्रा और मलिक गुलाम मोहम्मद थे। विभाजन के बाद मलिक गुलाम मोहम्मद के पाकिस्तान चले जाने के कारण शेष बचे दो साझेदारों के नाम पर कंपनी का नाम ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’ रखा गया। शुरुआत में कंपनी इंग्लैंड की विली जीप के पुर्जों का आयात और फिर जोड़ कर बेचने का काम करती थी

महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के वर्तमान चेयरमैन आनंद महिंद्रा हैं और यह भारत के सबसे बड़े और प्रमुख बहुराष्ट्रीय व्यावसायिक घरानों में से एक है। इसका मुख्यालय मुंबई में है और यह दुनिया के 100 से अधिक देशों में काम करता है। इसकी प्रमुख कंपनी ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड’ का कुल बाज़ार पूंजीकरण लगभग ₹3.86 लाख करोड़ है। कंपनी का चौपहिया वाहनों (पैसेंजर व्हीकल/एसयूवी) की बिक्री के मामले में देश में मारुति के बाद दूसरे स्थान पर है। वॉल्यूम के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी है।

इसके अतिरिक्त टेक महिंद्रा, महिंद्रा फाइनेंस, महिंद्रा हॉलिडेज़ हॉस्पिटैलिटी और रिसॉर्ट्स, महिंद्रा लॉजिस्टिक्स, महिंद्रा लाइफस्पेस समूह की प्रमुख कंपनियां हैं।

एस्कॉर्ट्स समूहभारतीय ऑटोमोबाइल एवं कृषि उपकरण उद्योग के पुरोधा हर प्रसाद नंदा और उनके भाई युधिष्ठिर नंदा ने 1944 में एस्कॉर्ट समूह की स्थापना लाहौर में की थी। वे विभाजन पश्चात केवल ₹5000 और दो कारों के साथ दिल्ली पहुंचे थे। हर प्रसाद नंदा के दो सुपुत्रो में से अनिल नंदा के अलग होने और राजन नंदा की मृत्यु के पश्चात वर्तमान में राजन नंदा के सुपुत्र निखिल नंदा समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं। सुप्रसिद्ध मोटरसाइकिल ‘राजदूत’ इसी एस्कॉर्ट ग्रुप की थी। 1996 तक एस्कॉर्ट ग्रुप का फोर्ड के साथ अनुबंध रहा जिसके तहत एस्कॉर्ट फोर्ड ट्रैक्टर उन्होंने मार्केट में लॉन्च किया था जिसकी कि तत्कालीन भारतीय बाजार में सर्वाधिक हिस्सेदारी थी। वर्तमान में एस्कॉर्ट ग्रुप जापान की दिग्‍गज कंपनी कुबोटा के साथ साझेदारी के बाद से एस्कॉर्ट कुबोटा के नाम से जाना जाता है। फरीदाबाद स्थित प्रधान कार्यालय के साथ आज एस्कॉर्ट समूह 32000 करोड़ का औद्योगिक समूह है।यह वैश्विक स्तर पर कृषि-मशीनरी (

एस्कॉर्ट्स समूह
भारतीय ऑटोमोबाइल एवं कृषि उपकरण उद्योग के पुरोधा हर प्रसाद नंदा और उनके भाई युधिष्ठिर नंदा ने 1944 में एस्कॉर्ट समूह की स्थापना लाहौर में की थी। वे विभाजन पश्चात केवल ₹5000 और दो कारों के साथ दिल्ली पहुंचे थे।
हर प्रसाद नंदा के दो सुपुत्रो में से अनिल नंदा के अलग होने और राजन नंदा की मृत्यु के पश्चात वर्तमान में राजन नंदा के सुपुत्र निखिल नंदा समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं। सुप्रसिद्ध मोटरसाइकिल ‘राजदूत’ इसी एस्कॉर्ट ग्रुप की थी। 1996 तक एस्कॉर्ट ग्रुप का फोर्ड के साथ अनुबंध रहा जिसके तहत एस्कॉर्ट फोर्ड ट्रैक्टर उन्होंने मार्केट में लॉन्च किया था जिसकी कि तत्कालीन भारतीय बाजार में सर्वाधिक हिस्सेदारी थी।
वर्तमान में एस्कॉर्ट ग्रुप जापान की दिग्‍गज कंपनी कुबोटा के साथ साझेदारी के बाद से एस्कॉर्ट कुबोटा के नाम से जाना जाता है। फरीदाबाद स्थित प्रधान कार्यालय के साथ आज एस्कॉर्ट समूह 32000 करोड़ का औद्योगिक समूह है।

यह वैश्विक स्तर पर कृषि-मशीनरी (

मनमोहन सिंह

मनमोहन सिंह

मनमोहन सिंह मनमोहन सिंह भारत गणराज्य के 13वें प्रधानमंत्री, एक प्रख्यात अर्थशास्त्री, नौकरशाह और शिक्षाविद थे। वे साल 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे और भारत केप पहले सिख प्रधानमंत्री थे। उन्होंने 1991 में पी. वी.प नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री के रूप...