महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M)                                                    वर्तमान महिंद्रा ऐंड महिंद्रा समूह की स्थापना पहले ‘महिंद्रा एंड मोहम्मद’ के रूप में 1945 में लुधियाना में हुई थी जिसके संस्थापक सदस्य जे.सी. महिंद्रा, के.सी. महिंद्रा और मलिक गुलाम मोहम्मद थे। विभाजन के बाद मलिक गुलाम मोहम्मद के पाकिस्तान चले जाने के कारण शेष बचे दो साझेदारों के नाम पर कंपनी का नाम ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’ रखा गया। शुरुआत में कंपनी इंग्लैंड की विली जीप के पुर्जों का आयात और फिर जोड़ कर बेचने का काम करती थीमहिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के वर्तमान चेयरमैन आनंद महिंद्रा हैं और यह भारत के सबसे बड़े और प्रमुख बहुराष्ट्रीय व्यावसायिक घरानों में से एक है। इसका मुख्यालय मुंबई में है और यह दुनिया के 100 से अधिक देशों में काम करता है। इसकी प्रमुख कंपनी ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड’ का कुल बाज़ार पूंजीकरण लगभग ₹3.86 लाख करोड़ है। कंपनी का चौपहिया वाहनों (पैसेंजर व्हीकल/एसयूवी) की बिक्री के मामले में देश में मारुति के बाद दूसरे स्थान पर है। वॉल्यूम के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी है।इसके अतिरिक्त टेक महिंद्रा, महिंद्रा फाइनेंस, महिंद्रा हॉलिडेज़ हॉस्पिटैलिटी और रिसॉर्ट्स, महिंद्रा लॉजिस्टिक्स, महिंद्रा लाइफस्पेस समूह की प्रमुख कंपनियां हैं।

महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M)
                                                   वर्तमान महिंद्रा ऐंड महिंद्रा समूह की स्थापना पहले ‘महिंद्रा एंड मोहम्मद’ के रूप में 1945 में लुधियाना में हुई थी जिसके संस्थापक सदस्य जे.सी. महिंद्रा, के.सी. महिंद्रा और मलिक गुलाम मोहम्मद थे। विभाजन के बाद मलिक गुलाम मोहम्मद के पाकिस्तान चले जाने के कारण शेष बचे दो साझेदारों के नाम पर कंपनी का नाम ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’ रखा गया। शुरुआत में कंपनी इंग्लैंड की विली जीप के पुर्जों का आयात और फिर जोड़ कर बेचने का काम करती थी

महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के वर्तमान चेयरमैन आनंद महिंद्रा हैं और यह भारत के सबसे बड़े और प्रमुख बहुराष्ट्रीय व्यावसायिक घरानों में से एक है। इसका मुख्यालय मुंबई में है और यह दुनिया के 100 से अधिक देशों में काम करता है। इसकी प्रमुख कंपनी ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड’ का कुल बाज़ार पूंजीकरण लगभग ₹3.86 लाख करोड़ है। कंपनी का चौपहिया वाहनों (पैसेंजर व्हीकल/एसयूवी) की बिक्री के मामले में देश में मारुति के बाद दूसरे स्थान पर है। वॉल्यूम के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी है।

इसके अतिरिक्त टेक महिंद्रा, महिंद्रा फाइनेंस, महिंद्रा हॉलिडेज़ हॉस्पिटैलिटी और रिसॉर्ट्स, महिंद्रा लॉजिस्टिक्स, महिंद्रा लाइफस्पेस समूह की प्रमुख कंपनियां हैं।

एस्कॉर्ट्स समूहभारतीय ऑटोमोबाइल एवं कृषि उपकरण उद्योग के पुरोधा हर प्रसाद नंदा और उनके भाई युधिष्ठिर नंदा ने 1944 में एस्कॉर्ट समूह की स्थापना लाहौर में की थी। वे विभाजन पश्चात केवल ₹5000 और दो कारों के साथ दिल्ली पहुंचे थे। हर प्रसाद नंदा के दो सुपुत्रो में से अनिल नंदा के अलग होने और राजन नंदा की मृत्यु के पश्चात वर्तमान में राजन नंदा के सुपुत्र निखिल नंदा समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं। सुप्रसिद्ध मोटरसाइकिल ‘राजदूत’ इसी एस्कॉर्ट ग्रुप की थी। 1996 तक एस्कॉर्ट ग्रुप का फोर्ड के साथ अनुबंध रहा जिसके तहत एस्कॉर्ट फोर्ड ट्रैक्टर उन्होंने मार्केट में लॉन्च किया था जिसकी कि तत्कालीन भारतीय बाजार में सर्वाधिक हिस्सेदारी थी। वर्तमान में एस्कॉर्ट ग्रुप जापान की दिग्‍गज कंपनी कुबोटा के साथ साझेदारी के बाद से एस्कॉर्ट कुबोटा के नाम से जाना जाता है। फरीदाबाद स्थित प्रधान कार्यालय के साथ आज एस्कॉर्ट समूह 32000 करोड़ का औद्योगिक समूह है।यह वैश्विक स्तर पर कृषि-मशीनरी (

एस्कॉर्ट्स समूह
भारतीय ऑटोमोबाइल एवं कृषि उपकरण उद्योग के पुरोधा हर प्रसाद नंदा और उनके भाई युधिष्ठिर नंदा ने 1944 में एस्कॉर्ट समूह की स्थापना लाहौर में की थी। वे विभाजन पश्चात केवल ₹5000 और दो कारों के साथ दिल्ली पहुंचे थे।
हर प्रसाद नंदा के दो सुपुत्रो में से अनिल नंदा के अलग होने और राजन नंदा की मृत्यु के पश्चात वर्तमान में राजन नंदा के सुपुत्र निखिल नंदा समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं। सुप्रसिद्ध मोटरसाइकिल ‘राजदूत’ इसी एस्कॉर्ट ग्रुप की थी। 1996 तक एस्कॉर्ट ग्रुप का फोर्ड के साथ अनुबंध रहा जिसके तहत एस्कॉर्ट फोर्ड ट्रैक्टर उन्होंने मार्केट में लॉन्च किया था जिसकी कि तत्कालीन भारतीय बाजार में सर्वाधिक हिस्सेदारी थी।
वर्तमान में एस्कॉर्ट ग्रुप जापान की दिग्‍गज कंपनी कुबोटा के साथ साझेदारी के बाद से एस्कॉर्ट कुबोटा के नाम से जाना जाता है। फरीदाबाद स्थित प्रधान कार्यालय के साथ आज एस्कॉर्ट समूह 32000 करोड़ का औद्योगिक समूह है।

यह वैश्विक स्तर पर कृषि-मशीनरी (