इक ओंकार, सति नामु, करता पुरखु, निरभउ,
निरवैरु, अकाल मूरति, अजूनी सैभं, गुर प्रसादि।।

मूल मंत्र
केवल एक ही ईश्वर है, शाश्वत सत्य ही उनका नाम है, वे सृष्टिकर्ता हैं, भय रहित, घृणा रहित, निराकार, जन्म और मृत्यु से परे, स्वयंभू, गुरु की कृपा से।