by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
गुरु अर्जन देव (1563–1606)पंथ पर बलिदान होने वाले प्रथम बलिदानी, सिक्ख पंथ के 5वें गुरु, गुरु अर्जन देव जी का जन्म 15 अप्रैल 1563 को गोइंदवाल में हुआ था। वे सिखों के चौथे गुरु, गुरु रामदास जी के सबसे छोटे पुत्र थे और उनकी माता का नाम बीबी भानी जी था जो गुरु अमरदास जी...
by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
गुरु हरगोबिंद सिंह (1595-1644) सिखों के छठे गुरु थे, जिन्होंने सिख पंथ को एक योद्धा समुदाय में बदला और ‘मीरी-पीरी’ (सैन्य व आध्यात्मिक शक्ति) के सिद्धांत की स्थापना की। गुरु अर्जुन देव जी के पुत्र जिन्होंने 11 वर्ष की आयु में गुरुगद्दी संभाली और मुगलों के...
by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
सिखों के सातवें गुरु, श्री गुरु हरिराय अथवा हरराय साहिब जी (1630-1661) एक शांतिप्रिय, दयालु और करुणामयी आध्यात्मिक गुरु थे।हरराय जी का जन्म 16 जनवरी, 1630 को कीरतपुर साहिब, रोपड़ (पंजाब) में पिता बाबा गुरदित्ता जी और माता निहाल कौर के यहां हुआ। उनके दादा व सिख पंथ के...
by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
सिखों के आठवें गुरु श्री गुरु हरकिशन साहिब जी थे। उन्हें ‘बाल गुरु’ और ‘बाला पीर’ के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म 7 जुलाई 1656 कीरतपुर रोपड़ में पिता गुरु हरराय एवं माता किशन कौर के दूसरे पुत्र के रूप में हुआ। 1661 में 5 वर्ष की अल्प आयु...
by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 4, 2026 | Partition of India
लोमहर्षक तुस्सी कट्टो बापूजी, मैं मुसलमानी नहीं बनांगी… दिल दहलाने वाली सत्य घटना… 1 बाप, 7 बेटियां और गुजरांवाला का एक कुआं… गुजरांवाला, पाकिस्तान पंजाब का एक शहर। सरदार हरि सिंह नलवा की जमीन। यहां कभी एक पंजाबी हिंदू खत्री परिवार रहता था। मुखिया थे, लाला जी उर्फ...