by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
भारत की धरा पर समय–समय पर ऐसी अनेक विभूतियों ने जन्म लिया है जिनके उपदेशों तथा कर्मों ने विश्व को एक नया मार्ग दिखाया है। मध्यकाल में ज्ञान की चेतना को जागृत करने वाले धर्मसुधारक, समाजसुधारक, एकेश्वरवादी एवं गृहस्थ जीवन के पैरोकार सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी का...
by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
“नउ निधि अमृतु प्रभ का नामु, देही महि इस का बिस्रामु” सिख गुरु परम्परा में गुरु अंगददेव जी दूसरे गुरु के रूप में गुरु नानक देव जी के उत्तराधिकारी बने। उनके जन्म दिनांक और जन्म स्थान में मतभेद है। एक मत के अनुसार 31 मार्च 1504 को और दूसरे मतानुसार 10 अप्रैल...
by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
दादा दाता एक है, सबको देवनहार।देंदा तोट न आवै, अगणित भरे भंडार॥ गुरु अमरदास जी (1479–1574) सिख पंथ के तीसरे गुरु थे। उनका जन्म 5 मई 1479 को अमृतसर के बासरके गाँव में माता बख्त कौर जिन्हें सुलखनी, लखमी देवी या रूप कौर के नाम से भी जाना जाता था और पिता तेज भान के यहां...
by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
हरि हरि नामु मै हरि मनि भाइिआ।वडभागी हरि नामु धिआइिआ।। गुरु राम दास (1534–1581) सिख धर्म के दस गुरुओं में से चौथे गुरु थे । उनका जन्म 9 अक्टूबर, 1534 को लाहौर के चूना मंडी में एक गरीब हिंदू परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम हरिदास और माता का नाम अनूप देवी था। आप सोढ़ी...
by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
गुरु अर्जन देव (1563–1606)पंथ पर बलिदान होने वाले प्रथम बलिदानी, सिक्ख पंथ के 5वें गुरु, गुरु अर्जन देव जी का जन्म 15 अप्रैल 1563 को गोइंदवाल में हुआ था। वे सिखों के चौथे गुरु, गुरु रामदास जी के सबसे छोटे पुत्र थे और उनकी माता का नाम बीबी भानी जी था जो गुरु अमरदास जी...
by Samast Global Punjabi Jagriti Society (Regd.) | Apr 8, 2026 | Guru
गुरु हरगोबिंद सिंह (1595-1644) सिखों के छठे गुरु थे, जिन्होंने सिख पंथ को एक योद्धा समुदाय में बदला और ‘मीरी-पीरी’ (सैन्य व आध्यात्मिक शक्ति) के सिद्धांत की स्थापना की। गुरु अर्जुन देव जी के पुत्र जिन्होंने 11 वर्ष की आयु में गुरुगद्दी संभाली और मुगलों के...