सप्त सिंधु/ पंचनद/पंजाब का इतिहास

सप्त सिंधु/ पंचनद/पंजाब का इतिहास

पंजाब परंपरागत रूप से, पंजाबी पहचान मुख्य रूप से भाषाई, भौगोलिक और सांस्कृतिक है जो पंथ/मज़हब से स्वतंत्र है। यह उन लोगों को संदर्भित करती है जो पंजाब क्षेत्र में रहते हैं या/और जिनकी मातृभाषा पंजाबी है। पंजाबी एक साझी भाषा, क्षेत्र, जातीयता और संस्कृति साझा करते हैं।...
 The finance secretary Shri Rajiv Ghai and others addressing a press conference at Haridwar

 The finance secretary Shri Rajiv Ghai and others addressing a press conference at Haridwar

सर्वश्री दौलत राम नरूला, राजीव घई, श्री जगदीश पाहवा, रमेश आहूजा, हेमंत अरोड़ा, ओमप्रकाश धींगड़ा, गिरीश चावला इत्यादि हरिद्वार में पंजाबी धाम और घाट बनाने की घोषणा से पूर्व SGPJS की बैठक का शुभारम्भ करते...
आदि पुरुष श्री अरूट जी महाराज

आदि पुरुष श्री अरूट जी महाराज

अरूट राय जी का जन्म प्रभु श्री राम के पुत्र लव की वंशबेल में लाहौर के शासक राजा कालराय जी के यहां हुआ। उनके दो पुत्र थे – सोढ़ी राय और अरूट राय। अरूट राय का स्वभाव शांत और भक्ति भाव से भरा था और वे ईश्वर के ध्यान में मग्न रहते थे। उनकी इस प्रकृति से उनके पिता राजा...
कुलदेवी हिंगलाज माता

कुलदेवी हिंगलाज माता

पंजाबियों की कुलदेवी हिंगलाज माता पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक प्राकृतिक गुफा में विराजित है जिन्हें हिंगुला देवी, हिंगुला की देवी, लाल देवी, कोट्टारी या कोटावी देवी, माता हिंगलाज अथवा हिंगलाज भवानी के नाम से पुकारा जाता है। मराठी और पाली/संस्कृत भाषा में...
मूल मंत्र

मूल मंत्र

इक ओंकार, सति नामु, करता पुरखु, निरभउ,निरवैरु, अकाल मूरति, अजूनी सैभं, गुर प्रसादि।। मूल मंत्रकेवल एक ही ईश्वर है, शाश्वत सत्य ही उनका नाम है, वे सृष्टिकर्ता हैं, भय रहित, घृणा रहित, निराकार, जन्म और मृत्यु से परे, स्वयंभू, गुरु की कृपा...