भाई दयाला जी

भाई दयाला जी

भाई दयाल दास जी (भाई दयाला) का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था और वे वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के झेलम जिले के करयाला ग्राम के निवासी थे। वे भाई मतिदास और सतिदास के भाई/रिश्तेदार थे। उन्होंने 1675 में नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के साथ धर्म और मानवता...
भाई मति दास

भाई मति दास

भाई मति दास सिख इतिहास के महानतम बलिदानियो में से एक हैं, जिन्होंने नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के साथ अपनी आस्था और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका जन्म तत्कालीन पंजाब (अब पाकिस्तान) के झेलम जिले के करियाला गाँव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ...
भाई सती दास जी

भाई सती दास जी

भाई सती दास जी सिख इतिहास के एक महान बलिदानी थे। वे सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के अनन्य शिष्य थे और उनके साथ अपनी प्राण न्यौछावर कर देने वाले तीन प्रमुख सिखों में से एक थे। अन्य दो भाई मती दास और भाई दयाला जी थे। भाई सती दास का जन्म पंजाब के जंडियाला गांव...
गुरु गोविंद सिंह

गुरु गोविंद सिंह

गुरु गोविंद सिंह जी (22 दिसंबर 1666 – 7 अक्टूबर 1708) सिख धर्म के दसवें और अंतिम मानव गुरु थे। अपने पश्चात् उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को शाश्वत गुरु के रूप में घोषित किया। गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म 22 दिसंबर 1666 को बिहार के पटना में हुआ था। उनके पिता सिखों के नौवें...
भाई बचित्तर सिंह

भाई बचित्तर सिंह

भाई बचित्तर सिंह (6 मई 1664 – दिसंबर 1705) सिख इतिहास के एक महान योद्धा और दसम गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के सेनापति थे। उन्हें उनकी अदम्य वीरता और लोहगढ़ के किले की रक्षा के लिए जाना जाता है। भाई बचित्तर सिंह की सबसे प्रसिद्ध गाथा 1 सितंबर 1700 की है, जब आनंदपुर...