विकास ओबेरॉय

विकास ओबेरॉय

विकास ओबेरॉय का जन्म 1969 में मुंबई, महाराष्ट्र में रणवीर ओबेरॉय और संतोष ओबेरॉय के घर हुआ था । उनके पिता, रणवीर ओबेरॉय, मुंबई के रियल एस्टेट क्षेत्र में एक प्रमुख व्यक्ति थे। विकास ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में उच्च शिक्षा प्राप्त की और बाद में प्रतिष्ठित हार्वर्ड...
मैनकाइंड फार्मास्यूटिकल समूह

मैनकाइंड फार्मास्यूटिकल समूह

रमेश चंद्र व राजीव जुनेजा रमेश सी. जुनेजा (जन्म 28 जुलाई 1955) एक भारतीय अरबपति व्यवसायी और मैनकाइंड फार्मा के अध्यक्ष हैं। फोर्ब्स के अनुसार, वह 100 सबसे धनी भारतीयों में से एक हैं। अंतरराष्ट्रीय कंपनी फॉर्ब्स के अनुसार 2019 में उनकी कुल संपत्ति 2.3 अरब डॉलर होने का...
विनोद खोसला

विनोद खोसला

विनोद खोसला एक प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी अरबपति व्यवसायी, निवेशक और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ हैं। वे वैश्विक तकनीकी जगत, विशेषकर सिलिकॉन वैली की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिने जाते हैं। वे प्रसिद्ध कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कंपनी सन माइक्रोसिस्टम्स (Sun...
ध्रुव साहनी

ध्रुव साहनी

ध्रुव एम. साहनी का परिवार भारत के प्रतिष्ठित और सफल व्यावसायिक परिवारों में से एक है। साहनी परिवार ने 1933 में उत्तर प्रदेश के खतौली में चीनी मिल लगा कर अपनी औद्योगिक यात्रा प्रारंभ की थी। ध्रुव साहनी ने अपने पिता और चाचा के व्यवसायों का विलय करके इसे ‘त्रिवेणी...
टी-सीरीज समूह

टी-सीरीज समूह

भूषण कुमार भारत की सबसे बड़ी म्यूजिक लेबल और फिल्म निर्माण कंपनी टी-सीरीज (Super Cassettes Industries Limited) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। वे भारतीय फिल्म उद्योग के एक बेहद सफल और धनी फिल्म निर्माता व संगीत निर्माता के रूप में जाने जाते हैं। वे टी-सीरीज के...
गौरव मल्होत्रा, दीप मल्होत्रा, गौतम मल्होत्रा                                                                                                      ओएसिस समूहशिरोमणि अकाली दल के फरीदकोट से विधायक रहे दीप मल्होत्रा के स्वामित्व में ओएसिस ग्रुप मुख्य रूप से शराब उत्पादन, एथेनॉल और रियल एस्टेट (Oasis Spaces) क्षेत्रों में सक्रिय है। समूह की प्रमुख डिस्टिलरी और बॉटलिंग यूनिट पंजाब के बठिंडा जिले में संगत कलां में स्थित है। इसके अलावा, यह ग्रुप प्रमुख ब्रैंड्स जैसे ऑल सीजन्स (All Seasons) और स्टार वॉल्कर (Star Walker) के लिए जाना जाता है। ओएसिस ग्रुप ने पंजाब के डेराबस्सी क्षेत्र (Oasis Spaces, Nimbuan) में कंस्ट्रक्शन और आर्किटेक्चरल प्रोडक्ट्स के लिए भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। दीप मल्होत्रा बताते हैं कि उनके पिता ओमप्रकाश मल्होत्रा ने 1987 में एक छोटी सी शराब की भट्टी स्थापित की थी जिसे उन्होंने पिछले तीन दशकों में   1,500 करोड़ रुपये के कारोबार में बदल दिया है जिसका 18 राज्यों में शराब के निर्माण, वितरण और विपणन में दखल है। ओएसिस ने हरियाणा में भी अपनी पैठ बना ली है। कंपनी ने चड्ढा समूह से अंबाला में दो डिस्टिलरी खरीदी हैं। ये इकाइयां हरदीप सिंह चड्ढा के परिवार से खरीदी गई थीं जिनकी उनके भाई पोंटी चड्ढा के फार्महाउस पर 2012 में हुई गोलीबारी में मृत्यु हो गई थी।समूह ने दिल्ली और मसूरी में संपत्तियों के साथ आतिथ्य क्षेत्र में भी कदम रखा है। उन्हें उम्मीद है कि 2015-16 में व्यवसाय में 33 प्रतिशत की वृद्धि होगी और यह 2,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाएगा।

गौरव मल्होत्रा, दीप मल्होत्रा, गौतम मल्होत्रा
                                                                                                      ओएसिस समूह

शिरोमणि अकाली दल के फरीदकोट से विधायक रहे दीप मल्होत्रा के स्वामित्व में ओएसिस ग्रुप मुख्य रूप से शराब उत्पादन, एथेनॉल और रियल एस्टेट (Oasis Spaces) क्षेत्रों में सक्रिय है। समूह की प्रमुख डिस्टिलरी और बॉटलिंग यूनिट पंजाब के बठिंडा जिले में संगत कलां में स्थित है। इसके अलावा, यह ग्रुप प्रमुख ब्रैंड्स जैसे ऑल सीजन्स (All Seasons) और स्टार वॉल्कर (Star Walker) के लिए जाना जाता है।
ओएसिस ग्रुप ने पंजाब के डेराबस्सी क्षेत्र (Oasis Spaces, Nimbuan) में कंस्ट्रक्शन और आर्किटेक्चरल प्रोडक्ट्स के लिए भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।

दीप मल्होत्रा बताते हैं कि उनके पिता ओमप्रकाश मल्होत्रा ने 1987 में एक छोटी सी शराब की भट्टी स्थापित की थी जिसे उन्होंने पिछले तीन दशकों में   1,500 करोड़ रुपये के कारोबार में बदल दिया है जिसका 18 राज्यों में शराब के निर्माण, वितरण और विपणन में दखल है।

ओएसिस ने हरियाणा में भी अपनी पैठ बना ली है। कंपनी ने चड्ढा समूह से अंबाला में दो डिस्टिलरी खरीदी हैं। ये इकाइयां हरदीप सिंह चड्ढा के परिवार से खरीदी गई थीं जिनकी उनके भाई पोंटी चड्ढा के फार्महाउस पर 2012 में हुई गोलीबारी में मृत्यु हो गई थी।

समूह ने दिल्ली और मसूरी में संपत्तियों के साथ आतिथ्य क्षेत्र में भी कदम रखा है। उन्हें उम्मीद है कि 2015-16 में व्यवसाय में 33 प्रतिशत की वृद्धि होगी और यह 2,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाएगा।